🪷 Rāmcharitamānas · Laṅkā-Kāṇḍa · Entry 175

The Book of Laṅkā (the Yuddha) · Entry 175 of 273 · type: छंद

सो ब्रह्म दत्त प्रचंड सक्ति अनंत उर लागी सही। पर्यो बीर बिकल उठाव दसमुख अतुल बल महिमा रही।। ब्रह्मांड भवन बिराज जाकें एक सिर जिमि रज कनी। तेहि चह उठावन मूढ़ रावन जान नहिं त्रिभुअन धनी।।
— Rāmcharitamānas Laṅkā-Kāṇḍa entry 175 (छंद) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

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