🪷 Rāmcharitamānas · Uttara-Kāṇḍa · Entry 259

The Book of the Aftermath · Entry 259 of 270 · type: चौपाई

सुमिरि राम के गुन गन नाना। पुनि पुनि हरष भुसुंडि सुजाना।। महिमा निगम नेति करि गाई। अतुलित बल प्रताप प्रभुताई।। सिव अज पूज्य चरन रघुराई। मो पर कृपा परम मृदुलाई।। अस सुभाउ कहुँ सुनउँ न देखउँ। केहि खगेस रघुपति सम लेखउँ।। साधक सिद्ध बिमुक्त उदासी। कबि कोबिद कृतग्य संन्यासी।। जोगी सूर सुतापस ग्यानी। धर्म निरत पंडित बिग्यानी।। तरहिं न बिनु सेएँ मम स्वामी। राम नमामि नमामि नमामी।। सरन गएँ मो से अघ रासी। होहिं सुद्ध नमामि अबिनासी।।
— Rāmcharitamānas Uttara-Kāṇḍa entry 259 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

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