🪷 Rāmcharitamānas · Uttara-Kāṇḍa · Entry 203

The Book of the Aftermath · Entry 203 of 270 · type: चौपाई

तेहि कलिजुग कोसलपुर जाई। जन्मत भयउँ सूद्र तनु पाई।। सिव सेवक मन क्रम अरु बानी। आन देव निंदक अभिमानी।। धन मद मत्त परम बाचाला। उग्रबुद्धि उर दंभ बिसाला।। जदपि रहेउँ रघुपति रजधानी। तदपि न कछु महिमा तब जानी।। अब जाना मैं अवध प्रभावा। निगमागम पुरान अस गावा।। कवनेहुँ जन्म अवध बस जोई। राम परायन सो परि होई।। अवध प्रभाव जान तब प्रानी। जब उर बसहिं रामु धनुपानी।। सो कलिकाल कठिन उरगारी। पाप परायन सब नर नारी।।
— Rāmcharitamānas Uttara-Kāṇḍa entry 203 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

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