🪷 Rāmcharitamānas · Uttara-Kāṇḍa · Entry 144

The Book of the Aftermath · Entry 144 of 270 · type: चौपाई

निसिचर निकर मरन बिधि नाना। रघुपति रावन समर बखाना।। रावन बध मंदोदरि सोका। राज बिभीषण देव असोका।। सीता रघुपति मिलन बहोरी। सुरन्ह कीन्ह अस्तुति कर जोरी।। पुनि पुष्पक चढ़ि कपिन्ह समेता। अवध चले प्रभु कृपा निकेता।। जेहि बिधि राम नगर निज आए। बायस बिसद चरित सब गाए।। कहेसि बहोरि राम अभिषैका। पुर बरनत नृपनीति अनेका।। कथा समस्त भुसुंड बखानी। जो मैं तुम्ह सन कही भवानी।। सुनि सब राम कथा खगनाहा। कहत बचन मन परम उछाहा।।
— Rāmcharitamānas Uttara-Kāṇḍa entry 144 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

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