🪷 Rāmcharitamānas · Uttara-Kāṇḍa · Entry 142

The Book of the Aftermath · Entry 142 of 270 · type: चौपाई

जेहि बिधि कपिपति कीस पठाए। सीता खोज सकल दिसि धाए।। बिबर प्रबेस कीन्ह जेहि भाँती। कपिन्ह बहोरि मिला संपाती।। सुनि सब कथा समीरकुमारा। नाघत भयउ पयोधि अपारा।। लंकाँ कपि प्रबेस जिमि कीन्हा। पुनि सीतहि धीरजु जिमि दीन्हा।। बन उजारि रावनहि प्रबोधी। पुर दहि नाघेउ बहुरि पयोधी।। आए कपि सब जहँ रघुराई। बैदेही कि कुसल सुनाई।। सेन समेति जथा रघुबीरा। उतरे जाइ बारिनिधि तीरा।। मिला बिभीषन जेहि बिधि आई। सागर निग्रह कथा सुनाई।।
— Rāmcharitamānas Uttara-Kāṇḍa entry 142 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

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