🪷 Rāmcharitamānas · Uttara-Kāṇḍa · Entry 12

The Book of the Aftermath · Entry 12 of 270 · type: चौपाई

आए भरत संग सब लोगा। कृस तन श्रीरघुबीर बियोगा।। बामदेव बसिष्ठ मुनिनायक। देखे प्रभु महि धरि धनु सायक।। धाइ धरे गुर चरन सरोरुह। अनुज सहित अति पुलक तनोरुह।। भेंटि कुसल बूझी मुनिराया। हमरें कुसल तुम्हारिहिं दाया।। सकल द्विजन्ह मिलि नायउ माथा। धर्म धुरंधर रघुकुलनाथा।। गहे भरत पुनि प्रभु पद पंकज। नमत जिन्हहि सुर मुनि संकर अज।। परे भूमि नहिं उठत उठाए। बर करि कृपासिंधु उर लाए।। स्यामल गात रोम भए ठाढ़े। नव राजीव नयन जल बाढ़े।।
— Rāmcharitamānas Uttara-Kāṇḍa entry 12 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

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