🪷 Rāmcharitamānas · Laṅkā-Kāṇḍa · Entry 167

The Book of Laṅkā (the Yuddha) · Entry 167 of 273 · type: दोहा/सोरठा

महा अजय संसार रिपु जीति सकइ सो बीर। जाकें अस रथ होइ दृढ़ सुनहु सखा मतिधीर।।80(क)।। सुनि प्रभु बचन बिभीषन हरषि गहे पद कंज। एहि मिस मोहि उपदेसेहु राम कृपा सुख पुंज।।80(ख)।। उत पचार दसकंधर इत अंगद हनुमान। लरत निसाचर भालु कपि करि निज निज प्रभु आन।।80(ग)।।
— Rāmcharitamānas Laṅkā-Kāṇḍa entry 167 (दोहा/सोरठा) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

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