🪷 Rāmcharitamānas · Bāla-Kāṇḍa · Entry 726

The Book of Childhood · Entry 726 of 760 · type: चौपाई

भूप भवन तेहि अवसर सोहा। रचना देखि मदन मनु मोहा।। मंगल सगुन मनोहरताई। रिधि सिधि सुख संपदा सुहाई।। जनु उछाह सब सहज सुहाए। तनु धरि धरि दसरथ दसरथ गृहँ छाए।। देखन हेतु राम बैदेही। कहहु लालसा होहि न केही।। जुथ जूथ मिलि चलीं सुआसिनि। निज छबि निदरहिं मदन बिलासनि।। सकल सुमंगल सजें आरती। गावहिं जनु बहु बेष भारती।। भूपति भवन कोलाहलु होई। जाइ न बरनि समउ सुखु सोई।। कौसल्यादि राम महतारीं। प्रेम बिबस तन दसा बिसारीं।।
— Rāmcharitamānas Bāla-Kāṇḍa entry 726 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

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