🪷 Rāmcharitamānas · Bāla-Kāṇḍa · Entry 716

The Book of Childhood · Entry 716 of 760 · type: चौपाई

नृप करि बिनय महाजन फेरे। सादर सकल मागने टेरे।। भूषन बसन बाजि गज दीन्हे। प्रेम पोषि ठाढ़े सब कीन्हे।। बार बार बिरिदावलि भाषी। फिरे सकल रामहि उर राखी।। बहुरि बहुरि कोसलपति कहहीं। जनकु प्रेमबस फिरै न चहहीं।। पुनि कह भूपति बचन सुहाए। फिरिअ महीस दूरि बड़ि आए।। राउ बहोरि उतरि भए ठाढ़े। प्रेम प्रबाह बिलोचन बाढ़े।। तब बिदेह बोले कर जोरी। बचन सनेह सुधाँ जनु बोरी।। करौ कवन बिधि बिनय बनाई। महाराज मोहि दीन्हि बड़ाई।।
— Rāmcharitamānas Bāla-Kāṇḍa entry 716 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

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