🪷 Rāmcharitamānas · Bāla-Kāṇḍa · Entry 693

The Book of Childhood · Entry 693 of 760 · type: चौपाई

पंच कवल करि जेवन लअगे। गारि गान सुनि अति अनुरागे।। भाँति अनेक परे पकवाने। सुधा सरिस नहिं जाहिं बखाने।। परुसन लगे सुआर सुजाना। बिंजन बिबिध नाम को जाना।। चारि भाँति भोजन बिधि गाई। एक एक बिधि बरनि न जाई।। छरस रुचिर बिंजन बहु जाती। एक एक रस अगनित भाँती।। जेवँत देहिं मधुर धुनि गारी। लै लै नाम पुरुष अरु नारी।। समय सुहावनि गारि बिराजा। हँसत राउ सुनि सहित समाजा।। एहि बिधि सबहीं भौजनु कीन्हा। आदर सहित आचमनु दीन्हा।।
— Rāmcharitamānas Bāla-Kāṇḍa entry 693 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

Place in the Mānas

Navigation

🪷 जय श्री राम · जय गोस्वामी तुलसीदास 🪷