🪷 Rāmcharitamānas · Bāla-Kāṇḍa · Entry 691

The Book of Childhood · Entry 691 of 760 · type: चौपाई

पुनि जेवनार भई बहु भाँती। पठए जनक बोलाइ बराती।। परत पाँवड़े बसन अनूपा। सुतन्ह समेत गवन कियो भूपा।। सादर सबके पाय पखारे। जथाजोगु पीढ़न्ह बैठारे।। धोए जनक अवधपति चरना। सीलु सनेहु जाइ नहिं बरना।। बहुरि राम पद पंकज धोए। जे हर हृदय कमल महुँ गोए।। तीनिउ भाई राम सम जानी। धोए चरन जनक निज पानी।। आसन उचित सबहि नृप दीन्हे। बोलि सूपकारी सब लीन्हे।। सादर लगे परन पनवारे। कनक कील मनि पान सँवारे।।
— Rāmcharitamānas Bāla-Kāṇḍa entry 691 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

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