🪷 Rāmcharitamānas · Bāla-Kāṇḍa · Entry 624

The Book of Childhood · Entry 624 of 760 · type: चौपाई

गरजहिं गज घंटा धुनि घोरा। रथ रव बाजि हिंस चहु ओरा।। निदरि घनहि घुर्म्मरहिं निसाना। निज पराइ कछु सुनिअ न काना।। महा भीर भूपति के द्वारें। रज होइ जाइ पषान पबारें।। चढ़ी अटारिन्ह देखहिं नारीं। लिंएँ आरती मंगल थारी।। गावहिं गीत मनोहर नाना। अति आनंदु न जाइ बखाना।। तब सुमंत्र दुइ स्पंदन साजी। जोते रबि हय निंदक बाजी।। दोउ रथ रुचिर भूप पहिं आने। नहिं सारद पहिं जाहिं बखाने।। राज समाजु एक रथ साजा। दूसर तेज पुंज अति भ्राजा।।
— Rāmcharitamānas Bāla-Kāṇḍa entry 624 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

Place in the Mānas

Navigation

🪷 जय श्री राम · जय गोस्वामी तुलसीदास 🪷