🪷 Rāmcharitamānas · Bāla-Kāṇḍa · Entry 612

The Book of Childhood · Entry 612 of 760 · type: चौपाई

राजा सबु रनिवास बोलाई। जनक पत्रिका बाचि सुनाई।। सुनि संदेसु सकल हरषानीं। अपर कथा सब भूप बखानीं।। प्रेम प्रफुल्लित राजहिं रानी। मनहुँ सिखिनि सुनि बारिद बनी।। मुदित असीस देहिं गुरु नारीं। अति आनंद मगन महतारीं।। लेहिं परस्पर अति प्रिय पाती। हृदयँ लगाइ जुड़ावहिं छाती।। राम लखन कै कीरति करनी। बारहिं बार भूपबर बरनी।। मुनि प्रसादु कहि द्वार सिधाए। रानिन्ह तब महिदेव बोलाए।। दिए दान आनंद समेता। चले बिप्रबर आसिष देता।।
— Rāmcharitamānas Bāla-Kāṇḍa entry 612 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

Place in the Mānas

Navigation

🪷 जय श्री राम · जय गोस्वामी तुलसीदास 🪷