🪷 Rāmcharitamānas · Bāla-Kāṇḍa · Entry 598

The Book of Childhood · Entry 598 of 760 · type: चौपाई

बेनि हरित मनिमय सब कीन्हे। सरल सपरब परहिं नहिं चीन्हे।। कनक कलित अहिबेल बनाई। लखि नहि परइ सपरन सुहाई।। तेहि के रचि पचि बंध बनाए। बिच बिच मुकता दाम सुहाए।। मानिक मरकत कुलिस पिरोजा। चीरि कोरि पचि रचे सरोजा।। किए भृंग बहुरंग बिहंगा। गुंजहिं कूजहिं पवन प्रसंगा।। सुर प्रतिमा खंभन गढ़ी काढ़ी। मंगल द्रब्य लिएँ सब ठाढ़ी।। चौंकें भाँति अनेक पुराईं। सिंधुर मनिमय सहज सुहाई।।
— Rāmcharitamānas Bāla-Kāṇḍa entry 598 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

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