🪷 Rāmcharitamānas · Bāla-Kāṇḍa · Entry 572

The Book of Childhood · Entry 572 of 760 · type: चौपाई

तुम्ह तौ कालु हाँक जनु लावा। बार बार मोहि लागि बोलावा।। सुनत लखन के बचन कठोरा। परसु सुधारि धरेउ कर घोरा।। अब जनि देइ दोसु मोहि लोगू। कटुबादी बालकु बधजोगू।। बाल बिलोकि बहुत मैं बाँचा। अब यहु मरनिहार भा साँचा।। कौसिक कहा छमिअ अपराधू। बाल दोष गुन गनहिं न साधू।। खर कुठार मैं अकरुन कोही। आगें अपराधी गुरुद्रोही।। उतर देत छोड़उँ बिनु मारें। केवल कौसिक सील तुम्हारें।। न त एहि काटि कुठार कठोरें। गुरहि उरिन होतेउँ श्रम थोरें।।
— Rāmcharitamānas Bāla-Kāṇḍa entry 572 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

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