🪷 Rāmcharitamānas · Bāla-Kāṇḍa · Entry 539

The Book of Childhood · Entry 539 of 760 · type: चौपाई

गिरा अलिनि मुख पंकज रोकी। प्रगट न लाज निसा अवलोकी।। लोचन जलु रह लोचन कोना। जैसे परम कृपन कर सोना।। सकुची ब्याकुलता बड़ि जानी। धरि धीरजु प्रतीति उर आनी।। तन मन बचन मोर पनु साचा। रघुपति पद सरोज चितु राचा।। तौ भगवानु सकल उर बासी। करिहिं मोहि रघुबर कै दासी।। जेहि कें जेहि पर सत्य सनेहू। सो तेहि मिलइ न कछु संहेहू।। प्रभु तन चितइ प्रेम तन ठाना। कृपानिधान राम सबु जाना।। सियहि बिलोकि तकेउ धनु कैसे। चितव गरुरु लघु ब्यालहि जैसे।।
— Rāmcharitamānas Bāla-Kāṇḍa entry 539 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

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