🪷 Rāmcharitamānas · Bāla-Kāṇḍa · Entry 535

The Book of Childhood · Entry 535 of 760 · type: चौपाई

काम कुसुम धनु सायक लीन्हे। सकल भुवन अपने बस कीन्हे।। देबि तजिअ संसउ अस जानी। भंजब धनुष रामु सुनु रानी।। सखी बचन सुनि भै परतीती। मिटा बिषादु बढ़ी अति प्रीती।। तब रामहि बिलोकि बैदेही। सभय हृदयँ बिनवति जेहि तेही।। मनहीं मन मनाव अकुलानी। होहु प्रसन्न महेस भवानी।। करहु सफल आपनि सेवकाई। करि हितु हरहु चाप गरुआई।। गननायक बरदायक देवा। आजु लगें कीन्हिउँ तुअ सेवा।। बार बार बिनती सुनि मोरी। करहु चाप गुरुता अति थोरी।।
— Rāmcharitamānas Bāla-Kāṇḍa entry 535 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

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