🪷 Rāmcharitamānas · Bāla-Kāṇḍa · Entry 517

The Book of Childhood · Entry 517 of 760 · type: चौपाई

चलिं संग लै सखीं सयानी। गावत गीत मनोहर बानी।। सोह नवल तनु सुंदर सारी। जगत जननि अतुलित छबि भारी।। भूषन सकल सुदेस सुहाए। अंग अंग रचि सखिन्ह बनाए।। रंगभूमि जब सिय पगु धारी। देखि रूप मोहे नर नारी।। हरषि सुरन्ह दुंदुभीं बजाई। बरषि प्रसून अपछरा गाई।। पानि सरोज सोह जयमाला। अवचट चितए सकल भुआला।। सीय चकित चित रामहि चाहा। भए मोहबस सब नरनाहा।। मुनि समीप देखे दोउ भाई। लगे ललकि लोचन निधि पाई।।
— Rāmcharitamānas Bāla-Kāṇḍa entry 517 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

Place in the Mānas

Navigation

🪷 जय श्री राम · जय गोस्वामी तुलसीदास 🪷