🪷 Rāmcharitamānas · Bāla-Kāṇḍa · Entry 478

The Book of Childhood · Entry 478 of 760 · type: चौपाई

देखन बागु कुअँर दुइ आए। बय किसोर सब भाँति सुहाए।। स्याम गौर किमि कहौं बखानी। गिरा अनयन नयन बिनु बानी।। सुनि हरषीं सब सखीं सयानी। सिय हियँ अति उतकंठा जानी।। एक कहइ नृपसुत तेइ आली। सुने जे मुनि सँग आए काली।। जिन्ह निज रूप मोहनी डारी। कीन्ह स्वबस नगर नर नारी।। बरनत छबि जहँ तहँ सब लोगू। अवसि देखिअहिं देखन जोगू।। तासु वचन अति सियहि सुहाने। दरस लागि लोचन अकुलाने।। चली अग्र करि प्रिय सखि सोई। प्रीति पुरातन लखइ न कोई।।
— Rāmcharitamānas Bāla-Kāṇḍa entry 478 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

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