🪷 Rāmcharitamānas · Bāla-Kāṇḍa · Entry 472

The Book of Childhood · Entry 472 of 760 · type: चौपाई

निसि प्रबेस मुनि आयसु दीन्हा। सबहीं संध्याबंदनु कीन्हा।। कहत कथा इतिहास पुरानी। रुचिर रजनि जुग जाम सिरानी।। मुनिबर सयन कीन्हि तब जाई। लगे चरन चापन दोउ भाई।। जिन्ह के चरन सरोरुह लागी। करत बिबिध जप जोग बिरागी।। तेइ दोउ बंधु प्रेम जनु जीते। गुर पद कमल पलोटत प्रीते।। बारबार मुनि अग्या दीन्ही। रघुबर जाइ सयन तब कीन्ही।। चापत चरन लखनु उर लाएँ। सभय सप्रेम परम सचु पाएँ।। पुनि पुनि प्रभु कह सोवहु ताता। पौढ़े धरि उर पद जलजाता।।
— Rāmcharitamānas Bāla-Kāṇḍa entry 472 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

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