🪷 Rāmcharitamānas · Bāla-Kāṇḍa · Entry 460

The Book of Childhood · Entry 460 of 760 · type: चौपाई

देखन नगरु भूपसुत आए। समाचार पुरबासिन्ह पाए।। धाए धाम काम सब त्यागी। मनहु रंक निधि लूटन लागी।। निरखि सहज सुंदर दोउ भाई। होहिं सुखी लोचन फल पाई।। जुबतीं भवन झरोखन्हि लागीं। निरखहिं राम रूप अनुरागीं।। कहहिं परसपर बचन सप्रीती। सखि इन्ह कोटि काम छबि जीती।। सुर नर असुर नाग मुनि माहीं। सोभा असि कहुँ सुनिअति नाहीं।। बिष्नु चारि भुज बिघि मुख चारी। बिकट बेष मुख पंच पुरारी।। अपर देउ अस कोउ न आही। यह छबि सखि पटतरिअ जाही।।
— Rāmcharitamānas Bāla-Kāṇḍa entry 460 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

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