🪷 Rāmcharitamānas · Bāla-Kāṇḍa · Entry 402

The Book of Childhood · Entry 402 of 760 · type: चौपाई

नौमी तिथि मधु मास पुनीता। सुकल पच्छ अभिजित हरिप्रीता।। मध्यदिवस अति सीत न घामा। पावन काल लोक बिश्रामा।। सीतल मंद सुरभि बह बाऊ। हरषित सुर संतन मन चाऊ।। बन कुसुमित गिरिगन मनिआरा। स्त्रवहिं सकल सरिताऽमृतधारा।। सो अवसर बिरंचि जब जाना। चले सकल सुर साजि बिमाना।। गगन बिमल सकुल सुर जूथा। गावहिं गुन गंधर्ब बरूथा।। बरषहिं सुमन सुअंजलि साजी। गहगहि गगन दुंदुभी बाजी।। अस्तुति करहिं नाग मुनि देवा। बहुबिधि लावहिं निज निज सेवा।।
— Rāmcharitamānas Bāla-Kāṇḍa entry 402 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

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