🪷 Rāmcharitamānas · Bāla-Kāṇḍa · Entry 396

The Book of Childhood · Entry 396 of 760 · type: चौपाई

गए देव सब निज निज धामा। भूमि सहित मन कहुँ बिश्रामा । जो कछु आयसु ब्रह्माँ दीन्हा। हरषे देव बिलंब न कीन्हा।। बनचर देह धरि छिति माहीं। अतुलित बल प्रताप तिन्ह पाहीं।। गिरि तरु नख आयुध सब बीरा। हरि मारग चितवहिं मतिधीरा।। गिरि कानन जहँ तहँ भरि पूरी। रहे निज निज अनीक रचि रूरी।। यह सब रुचिर चरित मैं भाषा। अब सो सुनहु जो बीचहिं राखा।। अवधपुरीं रघुकुलमनि राऊ। बेद बिदित तेहि दसरथ नाऊँ।। धरम धुरंधर गुननिधि ग्यानी। हृदयँ भगति मति सारँगपानी।।
— Rāmcharitamānas Bāla-Kāṇḍa entry 396 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

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