🪷 Rāmcharitamānas · Bāla-Kāṇḍa · Entry 390

The Book of Childhood · Entry 390 of 760 · type: चौपाई

बैठे सुर सब करहिं बिचारा। कहँ पाइअ प्रभु करिअ पुकारा।। पुर बैकुंठ जान कह कोई। कोउ कह पयनिधि बस प्रभु सोई।। जाके हृदयँ भगति जसि प्रीति। प्रभु तहँ प्रगट सदा तेहिं रीती।। तेहि समाज गिरिजा मैं रहेऊँ। अवसर पाइ बचन एक कहेऊँ।। हरि ब्यापक सर्बत्र समाना। प्रेम तें प्रगट होहिं मैं जाना।। देस काल दिसि बिदिसिहु माहीं। कहहु सो कहाँ जहाँ प्रभु नाहीं।। अग जगमय सब रहित बिरागी। प्रेम तें प्रभु प्रगटइ जिमि आगी।। मोर बचन सब के मन माना। साधु साधु करि ब्रह्म बखाना।।
— Rāmcharitamānas Bāla-Kāṇḍa entry 390 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

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