🪷 Rāmcharitamānas · Bāla-Kāṇḍa · Entry 384

The Book of Childhood · Entry 384 of 760 · type: चौपाई

इंद्रजीत सन जो कछु कहेऊ। सो सब जनु पहिलेहिं करि रहेऊ।। प्रथमहिं जिन्ह कहुँ आयसु दीन्हा। तिन्ह कर चरित सुनहु जो कीन्हा।। देखत भीमरूप सब पापी। निसिचर निकर देव परितापी।। करहि उपद्रव असुर निकाया। नाना रूप धरहिं करि माया।। जेहि बिधि होइ धर्म निर्मूला। सो सब करहिं बेद प्रतिकूला।। जेहिं जेहिं देस धेनु द्विज पावहिं। नगर गाउँ पुर आगि लगावहिं।। सुभ आचरन कतहुँ नहिं होई। देव बिप्र गुरू मान न कोई।। नहिं हरिभगति जग्य तप ग्याना। सपनेहुँ सुनिअ न बेद पुराना।।
— Rāmcharitamānas Bāla-Kāṇḍa entry 384 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

Place in the Mānas

Navigation

🪷 जय श्री राम · जय गोस्वामी तुलसीदास 🪷