🪷 Rāmcharitamānas · Bāla-Kāṇḍa · Entry 372

The Book of Childhood · Entry 372 of 760 · type: चौपाई

कीन्ह बिबिध तप तीनिहुँ भाई। परम उग्र नहिं बरनि सो जाई।। गयउ निकट तप देखि बिधाता। मागहु बर प्रसन्न मैं ताता।। करि बिनती पद गहि दससीसा। बोलेउ बचन सुनहु जगदीसा।। हम काहू के मरहिं न मारें। बानर मनुज जाति दुइ बारें।। एवमस्तु तुम्ह बड़ तप कीन्हा। मैं ब्रह्माँ मिलि तेहि बर दीन्हा।। पुनि प्रभु कुंभकरन पहिं गयऊ। तेहि बिलोकि मन बिसमय भयऊ।। जौं एहिं खल नित करब अहारू। होइहि सब उजारि संसारू।। सारद प्रेरि तासु मति फेरी। मागेसि नीद मास षट केरी।।
— Rāmcharitamānas Bāla-Kāṇḍa entry 372 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

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