🪷 Rāmcharitamānas · Bāla-Kāṇḍa · Entry 368

The Book of Childhood · Entry 368 of 760 · type: चौपाई

अस कहि सब महिदेव सिधाए। समाचार पुरलोगन्ह पाए।। सोचहिं दूषन दैवहि देहीं। बिचरत हंस काग किय जेहीं।। उपरोहितहि भवन पहुँचाई। असुर तापसहि खबरि जनाई।। तेहिं खल जहँ तहँ पत्र पठाए। सजि सजि सेन भूप सब धाए।। घेरेन्हि नगर निसान बजाई। बिबिध भाँति नित होई लराई।। जूझे सकल सुभट करि करनी। बंधु समेत परेउ नृप धरनी।। सत्यकेतु कुल कोउ नहिं बाँचा। बिप्रश्राप किमि होइ असाँचा।। रिपु जिति सब नृप नगर बसाई। निज पुर गवने जय जसु पाई।।
— Rāmcharitamānas Bāla-Kāṇḍa entry 368 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

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