🪷 Rāmcharitamānas · Bāla-Kāṇḍa · Entry 366

The Book of Childhood · Entry 366 of 760 · type: चौपाई

छत्रबंधु तैं बिप्र बोलाई। घालै लिए सहित समुदाई।। ईस्वर राखा धरम हमारा। जैहसि तैं समेत परिवारा।। संबत मध्य नास तव होऊ। जलदाता न रहिहि कुल कोऊ।। नृप सुनि श्राप बिकल अति त्रासा। भै बहोरि बर गिरा अकासा।। बिप्रहु श्राप बिचारि न दीन्हा। नहिं अपराध भूप कछु कीन्हा।। चकित बिप्र सब सुनि नभबानी। भूप गयउ जहँ भोजन खानी।। तहँ न असन नहिं बिप्र सुआरा। फिरेउ राउ मन सोच अपारा।। सब प्रसंग महिसुरन्ह सुनाई। त्रसित परेउ अवनीं अकुलाई।।
— Rāmcharitamānas Bāla-Kāṇḍa entry 366 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

Place in the Mānas

Navigation

🪷 जय श्री राम · जय गोस्वामी तुलसीदास 🪷