🪷 Rāmcharitamānas · Ayodhyā-Kāṇḍa · Entry 625

The Book of Ayodhyā · Entry 625 of 664 · type: चौपाई

सहित समाज तुम्हार हमारा। घर बन गुर प्रसाद रखवारा।। मातु पिता गुर स्वामि निदेसू। सकल धरम धरनीधर सेसू।। सो तुम्ह करहु करावहु मोहू। तात तरनिकुल पालक होहू।। साधक एक सकल सिधि देनी। कीरति सुगति भूतिमय बेनी।। सो बिचारि सहि संकटु भारी। करहु प्रजा परिवारु सुखारी।। बाँटी बिपति सबहिं मोहि भाई। तुम्हहि अवधि भरि बड़ि कठिनाई।। जानि तुम्हहि मृदु कहउँ कठोरा। कुसमयँ तात न अनुचित मोरा।। होहिं कुठायँ सुबंधु सुहाए। ओड़िअहिं हाथ असनिहु के घाए।।
— Rāmcharitamānas Ayodhyā-Kāṇḍa entry 625 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

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