🪷 Rāmcharitamānas · Ayodhyā-Kāṇḍa · Entry 570

The Book of Ayodhyā · Entry 570 of 664 · type: चौपाई

कामद मे गिरि राम प्रसादा। अवलोकत अपहरत बिषादा।। सर सरिता बन भूमि बिभागा। जनु उमगत आनँद अनुरागा।। बेलि बिटप सब सफल सफूला। बोलत खग मृग अलि अनुकूला।। तेहि अवसर बन अधिक उछाहू। त्रिबिध समीर सुखद सब काहू।। जाइ न बरनि मनोहरताई। जनु महि करति जनक पहुनाई।। तब सब लोग नहाइ नहाई। राम जनक मुनि आयसु पाई।। देखि देखि तरुबर अनुरागे। जहँ तहँ पुरजन उतरन लागे।। दल फल मूल कंद बिधि नाना। पावन सुंदर सुधा समाना।।
— Rāmcharitamānas Ayodhyā-Kāṇḍa entry 570 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

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