🪷 Rāmcharitamānas · Ayodhyā-Kāṇḍa · Entry 500

The Book of Ayodhyā · Entry 500 of 664 · type: चौपाई

गुरतिय पद बंदे दुहु भाई। सहित बिप्रतिय जे सँग आई।। गंग गौरि सम सब सनमानीं।।देहिं असीस मुदित मृदु बानी।। गहि पद लगे सुमित्रा अंका। जनु भेटीं संपति अति रंका।। पुनि जननि चरननि दोउ भ्राता। परे पेम ब्याकुल सब गाता।। अति अनुराग अंब उर लाए। नयन सनेह सलिल अन्हवाए।। तेहि अवसर कर हरष बिषादू। किमि कबि कहै मूक जिमि स्वादू।। मिलि जननहि सानुज रघुराऊ। गुर सन कहेउ कि धारिअ पाऊ।। पुरजन पाइ मुनीस नियोगू। जल थल तकि तकि उतरेउ लोगू।।
— Rāmcharitamānas Ayodhyā-Kāṇḍa entry 500 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

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