🪷 Rāmcharitamānas · Ayodhyā-Kāṇḍa · Entry 488

The Book of Ayodhyā · Entry 488 of 664 · type: चौपाई

सखा समेत मनोहर जोटा। लखेउ न लखन सघन बन ओटा।। भरत दीख प्रभु आश्रमु पावन। सकल सुमंगल सदनु सुहावन।। करत प्रबेस मिटे दुख दावा। जनु जोगीं परमारथु पावा।। देखे भरत लखन प्रभु आगे। पूँछे बचन कहत अनुरागे।। सीस जटा कटि मुनि पट बाँधें। तून कसें कर सरु धनु काँधें।। बेदी पर मुनि साधु समाजू। सीय सहित राजत रघुराजू।। बलकल बसन जटिल तनु स्यामा। जनु मुनि बेष कीन्ह रति कामा।। कर कमलनि धनु सायकु फेरत। जिय की जरनि हरत हँसि हेरत।।
— Rāmcharitamānas Ayodhyā-Kāṇḍa entry 488 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

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