🪷 Rāmcharitamānas · Ayodhyā-Kāṇḍa · Entry 466

The Book of Ayodhyā · Entry 466 of 664 · type: चौपाई

बिषई जीव पाइ प्रभुताई। मूढ़ मोह बस होहिं जनाई।। भरतु नीति रत साधु सुजाना। प्रभु पद प्रेम सकल जगु जाना।। तेऊ आजु राम पदु पाई। चले धरम मरजाद मेटाई।। कुटिल कुबंध कुअवसरु ताकी। जानि राम बनवास एकाकी।। करि कुमंत्रु मन साजि समाजू। आए करै अकंटक राजू।। कोटि प्रकार कलपि कुटलाई। आए दल बटोरि दोउ भाई।। जौं जियँ होति न कपट कुचाली। केहि सोहाति रथ बाजि गजाली।। भरतहि दोसु देइ को जाएँ। जग बौराइ राज पदु पाएँ।।
— Rāmcharitamānas Ayodhyā-Kāṇḍa entry 466 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

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