🪷 Rāmcharitamānas · Ayodhyā-Kāṇḍa · Entry 355

The Book of Ayodhyā · Entry 355 of 664 · type: चौपाई

सब प्रकार भूपति बड़भागी। बादि बिषादु करिअ तेहि लागी।। यहु सुनि समुझि सोचु परिहरहू। सिर धरि राज रजायसु करहू।। राँय राजपदु तुम्ह कहुँ दीन्हा। पिता बचनु फुर चाहिअ कीन्हा।। तजे रामु जेहिं बचनहि लागी। तनु परिहरेउ राम बिरहागी।। नृपहि बचन प्रिय नहिं प्रिय प्राना। करहु तात पितु बचन प्रवाना।। करहु सीस धरि भूप रजाई। हइ तुम्ह कहँ सब भाँति भलाई।। परसुराम पितु अग्या राखी। मारी मातु लोक सब साखी।। तनय जजातिहि जौबनु दयऊ। पितु अग्याँ अघ अजसु न भयऊ।।
— Rāmcharitamānas Ayodhyā-Kāṇḍa entry 355 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

Place in the Mānas

Navigation

🪷 जय श्री राम · जय गोस्वामी तुलसीदास 🪷