🪷 Rāmcharitamānas · Uttara-Kāṇḍa · Entry 84

The Book of the Aftermath · Entry 84 of 270 · type: चौपाई

बिषय अलंपट सील गुनाकर। पर दुख दुख सुख सुख देखे पर।। सम अभूतरिपु बिमद बिरागी। लोभामरष हरष भय त्यागी।। कोमलचित दीनन्ह पर दाया। मन बच क्रम मम भगति अमाया।। सबहि मानप्रद आपु अमानी। भरत प्रान सम मम ते प्रानी।। बिगत काम मम नाम परायन। सांति बिरति बिनती मुदितायन।। सीतलता सरलता मयत्री। द्विज पद प्रीति धर्म जनयत्री।। ए सब लच्छन बसहिं जासु उर। जानेहु तात संत संतत फुर।। सम दम नियम नीति नहिं डोलहिं। परुष बचन कबहूँ नहिं बोलहिं।।
— Rāmcharitamānas Uttara-Kāṇḍa entry 84 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

Place in the Mānas

Navigation

🪷 जय श्री राम · जय गोस्वामी तुलसीदास 🪷