🪷 Rāmcharitamānas · Uttara-Kāṇḍa · Entry 124

The Book of the Aftermath · Entry 124 of 270 · type: चौपाई

गिरिजा कहेउँ सो सब इतिहासा। मैं जेहि समय गयउँ खग पासा।। अब सो कथा सुनहु जेही हेतू। गयउ काग पहिं खग कुल केतू।। जब रघुनाथ कीन्हि रन क्रीड़ा। समुझत चरित होति मोहि ब्रीड़ा।। इंद्रजीत कर आपु बँधायो। तब नारद मुनि गरुड़ पठायो।। बंधन काटि गयो उरगादा। उपजा हृदयँ प्रचंड बिषादा।। प्रभु बंधन समुझत बहु भाँती। करत बिचार उरग आराती।। ब्यापक ब्रह्म बिरज बागीसा। माया मोह पार परमीसा।। सो अवतार सुनेउँ जग माहीं। देखेउँ सो प्रभाव कछु नाहीं।।
— Rāmcharitamānas Uttara-Kāṇḍa entry 124 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

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