🪷 Rāmcharitamānas · Laṅkā-Kāṇḍa · Entry 35

The Book of Laṅkā (the Yuddha) · Entry 35 of 273 · type: चौपाई

इहाँ प्रात जागे रघुराई। पूछा मत सब सचिव बोलाई।। कहहु बेगि का करिअ उपाई। जामवंत कह पद सिरु नाई।। सुनु सर्बग्य सकल उर बासी। बुधि बल तेज धर्म गुन रासी।। मंत्र कहउँ निज मति अनुसारा। दूत पठाइअ बालिकुमारा।। नीक मंत्र सब के मन माना। अंगद सन कह कृपानिधाना।। बालितनय बुधि बल गुन धामा। लंका जाहु तात मम कामा।। बहुत बुझाइ तुम्हहि का कहऊँ। परम चतुर मैं जानत अहऊँ।। काजु हमार तासु हित होई। रिपु सन करेहु बतकही सोई।।
— Rāmcharitamānas Laṅkā-Kāṇḍa entry 35 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

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