🪷 Rāmcharitamānas · Bāla-Kāṇḍa · Entry 78

The Book of Childhood · Entry 78 of 760 · type: चौपाई

जे गावहिं यह चरित सँभारे। तेइ एहि ताल चतुर रखवारे।। सदा सुनहिं सादर नर नारी। तेइ सुरबर मानस अधिकारी।। अति खल जे बिषई बग कागा। एहिं सर निकट न जाहिं अभागा।। संबुक भेक सेवार समाना। इहाँ न बिषय कथा रस नाना।। तेहि कारन आवत हियँ हारे। कामी काक बलाक बिचारे।। आवत एहिं सर अति कठिनाई। राम कृपा बिनु आइ न जाई।। कठिन कुसंग कुपंथ कराला। तिन्ह के बचन बाघ हरि ब्याला।। गृह कारज नाना जंजाला। ते अति दुर्गम सैल बिसाला।। बन बहु बिषम मोह मद माना। नदीं कुतर्क भयंकर नाना।।
— Rāmcharitamānas Bāla-Kāṇḍa entry 78 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

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