🪷 Rāmcharitamānas · Bāla-Kāṇḍa · Entry 76
The Book of Childhood · Entry 76 of 760 · type: चौपाई
सप्त प्रबन्ध सुभग सोपाना। ग्यान नयन निरखत मन माना।।
रघुपति महिमा अगुन अबाधा। बरनब सोइ बर बारि अगाधा।।
राम सीय जस सलिल सुधासम। उपमा बीचि बिलास मनोरम।।
पुरइनि सघन चारु चौपाई। जुगुति मंजु मनि सीप सुहाई।।
छंद सोरठा सुंदर दोहा। सोइ बहुरंग कमल कुल सोहा।।
अरथ अनूप सुमाव सुभासा। सोइ पराग मकरंद सुबासा।।
सुकृत पुंज मंजुल अलि माला। ग्यान बिराग बिचार मराला।।
धुनि अवरेब कबित गुन जाती। मीन मनोहर ते बहुभाँती।।
अरथ धरम कामादिक चारी। कहब ग्यान बिग्यान बिचारी।।
नव रस जप तप जोग बिरागा। ते सब जलचर चारु तड़ागा।।
सुकृती साधु नाम गुन गाना। ते बिचित्र जल बिहग समाना।।
संतसभा चहुँ दिसि अवँराई। श्रद्धा रितु बसंत सम गाई।।
भगति निरुपन बिबिध बिधाना। छमा दया दम लता बिताना।।
सम जम नियम फूल फल ग्याना। हरि पत रति रस बेद बखाना।।
औरउ कथा अनेक प्रसंगा। तेइ सुक पिक बहुबरन बिहंगा।।
— Rāmcharitamānas Bāla-Kāṇḍa entry 76 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī
Place in the Mānas
- Entry 76 of 760 in Bāla-Kāṇḍa (Kāṇḍa 1 of 7)
- Verse type: चौपाई
- Kāṇḍa theme: Maṅgalācaraṇa (the auspicious opening · Gaṇeśa-Sarasvatī-Śiva-Pārvatī-Hari-Hara invocations) · Rāma's līlā in childhood · Viśvāmitra-yajña-protection · Sītā-svayaṁvara at Mithilā · the four brothers' weddings
Navigation
🪷 जय श्री राम · जय गोस्वामी तुलसीदास 🪷