🪷 Rāmcharitamānas · Bāla-Kāṇḍa · Entry 58

The Book of Childhood · Entry 58 of 760 · type: चौपाई

भायँ कुभायँ अनख आलसहूँ। नाम जपत मंगल दिसि दसहूँ।। सुमिरि सो नाम राम गुन गाथा। करउँ नाइ रघुनाथहि माथा।। मोरि सुधारिहि सो सब भाँती। जासु कृपा नहिं कृपाँ अघाती।। राम सुस्वामि कुसेवकु मोसो। निज दिसि दैखि दयानिधि पोसो।। लोकहुँ बेद सुसाहिब रीतीं। बिनय सुनत पहिचानत प्रीती।। गनी गरीब ग्रामनर नागर। पंडित मूढ़ मलीन उजागर।। सुकबि कुकबि निज मति अनुहारी। नृपहि सराहत सब नर नारी।। साधु सुजान सुसील नृपाला। ईस अंस भव परम कृपाला।। सुनि सनमानहिं सबहि सुबानी। भनिति भगति नति गति पहिचानी।। यह प्राकृत महिपाल सुभाऊ। जान सिरोमनि कोसलराऊ।। रीझत राम सनेह निसोतें। को जग मंद मलिनमति मोतें।।
— Rāmcharitamānas Bāla-Kāṇḍa entry 58 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

Place in the Mānas

Navigation

🪷 जय श्री राम · जय गोस्वामी तुलसीदास 🪷