🪷 Rāmcharitamānas · Bāla-Kāṇḍa · Entry 34

The Book of Childhood · Entry 34 of 760 · type: चौपाई

बंदउँ अवध पुरी अति पावनि। सरजू सरि कलि कलुष नसावनि।। प्रनवउँ पुर नर नारि बहोरी। ममता जिन्ह पर प्रभुहि न थोरी।। सिय निंदक अघ ओघ नसाए। लोक बिसोक बनाइ बसाए।। बंदउँ कौसल्या दिसि प्राची। कीरति जासु सकल जग माची।। प्रगटेउ जहँ रघुपति ससि चारू। बिस्व सुखद खल कमल तुसारू।। दसरथ राउ सहित सब रानी। सुकृत सुमंगल मूरति मानी।। करउँ प्रनाम करम मन बानी। करहु कृपा सुत सेवक जानी।। जिन्हहि बिरचि बड़ भयउ बिधाता। महिमा अवधि राम पितु माता।।
— Rāmcharitamānas Bāla-Kāṇḍa entry 34 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

Place in the Mānas

Navigation

🪷 जय श्री राम · जय गोस्वामी तुलसीदास 🪷