🪷 Rāmcharitamānas · Bāla-Kāṇḍa · Entry 328

The Book of Childhood · Entry 328 of 760 · type: चौपाई

भूप प्रतापभानु बल पाई। कामधेनु भै भूमि सुहाई।। सब दुख बरजित प्रजा सुखारी। धरमसील सुंदर नर नारी।। सचिव धरमरुचि हरि पद प्रीती। नृप हित हेतु सिखव नित नीती।। गुर सुर संत पितर महिदेवा। करइ सदा नृप सब कै सेवा।। भूप धरम जे बेद बखाने। सकल करइ सादर सुख माने।। दिन प्रति देह बिबिध बिधि दाना। सुनहु सास्त्र बर बेद पुराना।। नाना बापीं कूप तड़ागा। सुमन बाटिका सुंदर बागा।। बिप्रभवन सुरभवन सुहाए। सब तीरथन्ह बिचित्र बनाए।।
— Rāmcharitamānas Bāla-Kāṇḍa entry 328 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

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