🪷 Rāmcharitamānas · Bāla-Kāṇḍa · Entry 312

The Book of Childhood · Entry 312 of 760 · type: चौपाई

सरद मयंक बदन छबि सींवा। चारु कपोल चिबुक दर ग्रीवा।। अधर अरुन रद सुंदर नासा। बिधु कर निकर बिनिंदक हासा।। नव अबुंज अंबक छबि नीकी। चितवनि ललित भावँती जी की।। भुकुटि मनोज चाप छबि हारी। तिलक ललाट पटल दुतिकारी।। कुंडल मकर मुकुट सिर भ्राजा। कुटिल केस जनु मधुप समाजा।। उर श्रीबत्स रुचिर बनमाला। पदिक हार भूषन मनिजाला।। केहरि कंधर चारु जनेउ। बाहु बिभूषन सुंदर तेऊ।। करि कर सरि सुभग भुजदंडा। कटि निषंग कर सर कोदंडा।।
— Rāmcharitamānas Bāla-Kāṇḍa entry 312 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

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