🪷 Rāmcharitamānas · Bāla-Kāṇḍa · Entry 300

The Book of Childhood · Entry 300 of 760 · type: चौपाई

अपर हेतु सुनु सैलकुमारी। कहउँ बिचित्र कथा बिस्तारी।। जेहि कारन अज अगुन अरूपा। ब्रह्म भयउ कोसलपुर भूपा।। जो प्रभु बिपिन फिरत तुम्ह देखा। बंधु समेत धरें मुनिबेषा।। जासु चरित अवलोकि भवानी। सती सरीर रहिहु बौरानी।। अजहुँ न छाया मिटति तुम्हारी। तासु चरित सुनु भ्रम रुज हारी।। लीला कीन्हि जो तेहिं अवतारा। सो सब कहिहउँ मति अनुसारा।। भरद्वाज सुनि संकर बानी। सकुचि सप्रेम उमा मुसकानी।। लगे बहुरि बरने बृषकेतू। सो अवतार भयउ जेहि हेतू।।
— Rāmcharitamānas Bāla-Kāṇḍa entry 300 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

Place in the Mānas

Navigation

🪷 जय श्री राम · जय गोस्वामी तुलसीदास 🪷