🪷 Rāmcharitamānas · Bāla-Kāṇḍa · Entry 28

The Book of Childhood · Entry 28 of 760 · type: चौपाई

सब जानत प्रभु प्रभुता सोई। तदपि कहें बिनु रहा न कोई।। तहाँ बेद अस कारन राखा। भजन प्रभाउ भाँति बहु भाषा।। एक अनीह अरूप अनामा। अज सच्चिदानंद पर धामा।। ब्यापक बिस्वरूप भगवाना। तेहिं धरि देह चरित कृत नाना।। सो केवल भगतन हित लागी। परम कृपाल प्रनत अनुरागी।। जेहि जन पर ममता अति छोहू। जेहिं करुना करि कीन्ह न कोहू।। गई बहोर गरीब नेवाजू। सरल सबल साहिब रघुराजू।। बुध बरनहिं हरि जस अस जानी। करहि पुनीत सुफल निज बानी।। तेहिं बल मैं रघुपति गुन गाथा। कहिहउँ नाइ राम पद माथा।। मुनिन्ह प्रथम हरि कीरति गाई। तेहिं मग चलत सुगम मोहि भाई।।
— Rāmcharitamānas Bāla-Kāṇḍa entry 28 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

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