🪷 Rāmcharitamānas · Bāla-Kāṇḍa · Entry 276

The Book of Childhood · Entry 276 of 760 · type: चौपाई

सुनु मुनि मोह होइ मन ताकें। ग्यान बिराग हृदय नहिं जाके।। ब्रह्मचरज ब्रत रत मतिधीरा। तुम्हहि कि करइ मनोभव पीरा।। नारद कहेउ सहित अभिमाना। कृपा तुम्हारि सकल भगवाना।। करुनानिधि मन दीख बिचारी। उर अंकुरेउ गरब तरु भारी।। बेगि सो मै डारिहउँ उखारी। पन हमार सेवक हितकारी।। मुनि कर हित मम कौतुक होई। अवसि उपाय करबि मै सोई।। तब नारद हरि पद सिर नाई। चले हृदयँ अहमिति अधिकाई।। श्रीपति निज माया तब प्रेरी। सुनहु कठिन करनी तेहि केरी।।
— Rāmcharitamānas Bāla-Kāṇḍa entry 276 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

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