🪷 Rāmcharitamānas · Bāla-Kāṇḍa · Entry 268

The Book of Childhood · Entry 268 of 760 · type: चौपाई

हिमगिरि गुहा एक अति पावनि। बह समीप सुरसरी सुहावनि।। आश्रम परम पुनीत सुहावा। देखि देवरिषि मन अति भावा।। निरखि सैल सरि बिपिन बिभागा। भयउ रमापति पद अनुरागा।। सुमिरत हरिहि श्राप गति बाधी। सहज बिमल मन लागि समाधी।। मुनि गति देखि सुरेस डेराना। कामहि बोलि कीन्ह सनमाना।। सहित सहाय जाहु मम हेतू। चकेउ हरषि हियँ जलचरकेतू।। सुनासीर मन महुँ असि त्रासा। चहत देवरिषि मम पुर बासा।। जे कामी लोलुप जग माहीं। कुटिल काक इव सबहि डेराहीं।।
— Rāmcharitamānas Bāla-Kāṇḍa entry 268 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

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