🪷 Rāmcharitamānas · Bāla-Kāṇḍa · Entry 264

The Book of Childhood · Entry 264 of 760 · type: चौपाई

मुकुत न भए हते भगवाना। तीनि जनम द्विज बचन प्रवाना।। एक बार तिन्ह के हित लागी। धरेउ सरीर भगत अनुरागी।। कस्यप अदिति तहाँ पितु माता। दसरथ कौसल्या बिख्याता।। एक कलप एहि बिधि अवतारा। चरित्र पवित्र किए संसारा।। एक कलप सुर देखि दुखारे। समर जलंधर सन सब हारे।। संभु कीन्ह संग्राम अपारा। दनुज महाबल मरइ न मारा।। परम सती असुराधिप नारी। तेहि बल ताहि न जितहिं पुरारी।।
— Rāmcharitamānas Bāla-Kāṇḍa entry 264 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

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