🪷 Rāmcharitamānas · Bāla-Kāṇḍa · Entry 242

The Book of Childhood · Entry 242 of 760 · type: चौपाई

झूठेउ सत्य जाहि बिनु जानें। जिमि भुजंग बिनु रजु पहिचानें।। जेहि जानें जग जाइ हेराई। जागें जथा सपन भ्रम जाई।। बंदउँ बालरूप सोई रामू। सब सिधि सुलभ जपत जिसु नामू।। मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवउ सो दसरथ अजिर बिहारी।। करि प्रनाम रामहि त्रिपुरारी। हरषि सुधा सम गिरा उचारी।। धन्य धन्य गिरिराजकुमारी। तुम्ह समान नहिं कोउ उपकारी।। पूँछेहु रघुपति कथा प्रसंगा। सकल लोक जग पावनि गंगा।। तुम्ह रघुबीर चरन अनुरागी। कीन्हहु प्रस्न जगत हित लागी।।
— Rāmcharitamānas Bāla-Kāṇḍa entry 242 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

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