🪷 Rāmcharitamānas · Bāla-Kāṇḍa · Entry 240

The Book of Childhood · Entry 240 of 760 · type: चौपाई

पुनि प्रभु कहहु सो तत्व बखानी। जेहिं बिग्यान मगन मुनि ग्यानी।। भगति ग्यान बिग्यान बिरागा। पुनि सब बरनहु सहित बिभागा।। औरउ राम रहस्य अनेका। कहहु नाथ अति बिमल बिबेका।। जो प्रभु मैं पूछा नहि होई। सोउ दयाल राखहु जनि गोई।। तुम्ह त्रिभुवन गुर बेद बखाना। आन जीव पाँवर का जाना।। प्रस्न उमा कै सहज सुहाई। छल बिहीन सुनि सिव मन भाई।। हर हियँ रामचरित सब आए। प्रेम पुलक लोचन जल छाए।। श्रीरघुनाथ रूप उर आवा। परमानंद अमित सुख पावा।।
— Rāmcharitamānas Bāla-Kāṇḍa entry 240 (चौपाई) · Goswāmi Tulsidās · Awadhi-Hindi Devanāgarī

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